Home MEDICAL पलक ने सिद्ध किया ‘‘बस कोशिश करते रहो, परिणाम एक न एक दिन मिल ही जाएगा‘‘

पलक ने सिद्ध किया ‘‘बस कोशिश करते रहो, परिणाम एक न एक दिन मिल ही जाएगा‘‘

20 min read
7
1,682

“मंजिल वही पाते है जो हौसला अटूट रखते है,
और हौसला वही रखते है जो मंजिल सही चुनते है।“

पलक माहेश्वरी की जिंदगी में भी ऐसे कई अवसर आए जहाँ पर पलक ने अपने आप को दोराहे पर खड़ा पाया लेकिन हर बार अपने सपनो से समझौता कभी ना करने वाली पलक ने बेहतर रास्ते को ही चुना। जब कक्षा 11 में सब्जेक्ट चुनने का टाइम आया पलक तब ही कॉमर्स लेना चाहती थी क्योकि उसे ऐसा लगता था की कॉमर्स लेकर ज्यादा पढ़ना नहीं पड़ेगा। पलक ऐसी पारिवारिक पृष्ठ्भूमि से है जहाँ पर अधिकतर लोग डॉक्टर है, पलक के ताऊजी डॉ अशोक शारदा कोटा शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर्स में से एक है।

ऐसे में पलक के मन में लोगो के प्रति सेवा भाव जागा और तब उसे महसूस हुआ की यही उसका सपना है और उसे खूब पढ़ लिख के डॉक्टर बनना है और लोगो की सेवा करनी है। तब पलक ने 11जी में बायो ली और फिर कोटा के एक बहुत ही प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से 12जी के साथ-साथ नीट की तैयारी करने लगी। लेकिन पलक ने उस वर्ष नीट को बहुत हल्के में लिया और ना ज्यादा मेहनत की और ना ही ज्यादा प्रयास, इसी कारण उसका नीट रिजल्ट बिलकुल अच्छा नहीं आया। उसने 274 अंक अर्जित किये थे और उसे उसकी गलती का एहसास हो गया था की उसने एग्जाम को गंभीरता से नहीं लिया। तब पलक ने सोचा की अब वह मेहनत करेगी और इस बार सेलेक्ट होकर दिखाएगी , इसी सोच के साथ उसने नीट के लिए अपना पहला ड्राप लिया और प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से तैयारी करना शुरू कर दिया। इस बार पलक ने अच्छा स्कोर किया था लेकिन वह किसी वह सिलेक्ट होने के लिए काफी नहीं था।

पलक के 507 मार्क्स आये थे और वह इन परिणामो से काफी निराश भी थी साथ ही मानसिक रूप से यह दबाव भी था की सभी दोस्त , साथ वाले बच्चे सब आगे निकल गए, सभी ने कही ना कही एडमिशन ले लिया है। ऐसे में पलक के पेरेंट्स ने भी उसे कहा की उसे किसी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले लेना चाहिए। पलक मान गयी और वह एडमिशन लेने के लिए एक प्रतिष्ठित कॉलेज में चली भी गयी, पलक ने बताया की जब वह कॉलेज पहुंची तो उसे अचानक एहसास हुआ की उसे एक और बार कोशिश करनी चाहिए अगर वह पिछली बार के मुकाबले इस बार 233 अंक ज्यादा लाने में सफल हो पायी है तो अगली बार इस बार से 100 – 150 अंक ज्यादा तो ले ही आएगी। यह सोचकर वह कॉलेज में दाखिला लेने के फैसले से पीछे हट गयी और कोटा आकर मोशन एजुकेशन में एडमिशन लेकर नीट की तैयारी फिर से शुरू कर दी। पलक के लिए मोशन में एडमिशन लेने का एक मात्र कारण यहाँ की फैकल्टी और नियमितता थी। इस बार जब रिजल्ट आया तो जैसा पलक ने सोचा था उसके पिछले साल के मार्क्स की अपेक्षा इस बार ठीक 150 अंक ज्यादा थे , पलक ने 657 मार्क्स स्कोर किये और आखिर अपने सपने को पा ही लिया। पलक अब सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर में अध्ययनरत हैं।

यदि संकल्प एक ही तो मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता।

Comments

comments

Load More Related Articles
Load More By Saloni Gupta
Load More In MEDICAL
Comments are closed.

Check Also

HOW TO PREPARE BIOLOGY FOR NEET

  Thinking that Biology is a theory subject, and it can be covered in a short span of…