Home IIT JEE एकलव्य जैसी निष्ठा और अर्जुन जैसी एकाग्रता लिए मोशन के छात्र ने रच दिया इतिहास

एकलव्य जैसी निष्ठा और अर्जुन जैसी एकाग्रता लिए मोशन के छात्र ने रच दिया इतिहास

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किसी ने सच ही कहा है की खुली आँखों से देखे गए सपने वही होते है जो इंसान को सोने नहीं दे, ऐसा ही एक सपना देखा मोशन एजुकेशन के क्लासरूम प्रोग्राम में पढ़ने वाले कक्षा 10 वीं के छात्र पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी ने। पुष्पेंद्र ने एक बार स्कूल में हुए Archery ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग लिया था। उसके बाद पुष्पेंद्र को तीरंदाजी का ऐसा शौक चढ़ा की उसका यह शौक कब उसके जीवन का सपना बन गया पता ही नहीं चला। देखते ही देखते पुष्पेंद्र इस सपने को पूरा करने की राह पर आगे बढ़ता चला गया। पुष्पेंद्र अपने इस सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत करने लगा। वह अपनी पढ़ाई के साथ – साथ तीरंदाजी को भी उतना ही महत्व देने लगा और उसके लिए उसने रोज अभ्यास करना शुरू कर दिया।

इतना ही नहीं पुष्पेंद्र के इस सपने को साकार करने के लिए उसके पिता, श्री बृजपाल सिंह सोलंकी ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। वे अपने परिवार के साथ कोटा के संजय नगर इलाके में रहते है और यहां तीरंदाजी के ट्रैंनिंग सेंटर्स नहीं है। उनके बेटे को बेहतर तीरंदाजी की ट्रेनिंग मिल सके इसके लिए वे अपनी नौकरी और घर छोड़ कर अपने बेटे के साथ जयपुर में रह रहे है और उसका सपना अब उनका भी सपना बन चुका है। पुष्पेंद्र इन दिनों “पद्मश्री” लिम्बाराम जी से ट्रेनिंग ले रहा है, जो की तीरंदाजी के महारथी माने जाते है। शायद इसी मेहनत का नतीजा है की पुष्पेंद्र जहाँ भीतीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लेने जाता है, वहाँ से अपनी जीत का परचम लहरा कर ही लौटता है। महज 14 साल से भी कम की उम्र में पुष्पेंद्र अब तक बहुत से पदक और ख़िताब जीत चुका है। हाल ही में यूनाइटेड स्पोर्ट्स गेम्स इंडिया की ओर से दिल्ली में आयोजित आल इंडिया तीरंदाजी चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक और उससे पहले स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया की ओर सेइम्फाल, मणिपुर में आयोजित नेशनल स्कूल गेम्स में पहला स्थान प्राप्त कर देश को गौरवान्वित कर दिया। इसके अलावा पुष्पेंद्र ने जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओ में भी अपने परिवार का, गुरु का और मोशन का नाम रोशन किया।

यहां तक की पुष्पेंद्र का यह सपना साकार करने की दौड़ में मोशन भी पीछे नहीं रहा। उसके तीरंदाजी के प्रशिक्षण के साथ उसके 10 वीं बोर्ड की परीक्षा की भी बेहतर तैयारी हो इसके लिए मोशन ने उसे विशेष क्लासरूम सुविधा देने की व्यवस्था की हुई है। जिससे जब भी पुष्पेंद्र को अपनी तीरंदाजी से समय मिलता है, वह मोशन के स्पेशल क्लासरूम प्रोग्राम की मदद से अपनी पढाई पर ध्यान दे पाता है। पुष्पेंद्र ने यह साबित कर दिया की चाहे सपना आसमान छूने का ही क्यों न हो अगर उस सपने को पूरा करने के लिए मेहनत और लगन में कोई कमी नहीं है तो उन आसमान की बुलंदियों को छूने का सपना जरूर पूरा होगा।

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